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{“result”:”ज़रूर, यहाँ उस खबर पर आधारित एक वायरल हिंदी न्यूज़ आर्टिकल है, जिसे एक एक्सपर्ट रिपोर्टर के अंदाज़ में लिखा गया है:nn
Indore ODI: जीत की भूख या सेहत की चिंता? टीम इंडिया अपने साथ क्यों लाई ‘Water Machine’? जानिये इसके पीछे की बड़ी वजह!
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इंदौर: क्रिकेट का बुखार इंदौर में सिर चढ़कर बोल रहा है, लेकिन इस बार होल्कर स्टेडियम में होने वाले निर्णायक मुकाबले से पहले टीम इंडिया की ‘लगेज’ (सामान) ने सबका ध्यान खींचा है। आम तौर पर खिलाड़ी अपने साथ किट बैग लाते हैं, लेकिन इस बार रोहित शर्मा की सेना अपने साथ एक ‘वाटर प्यूरीफिकेशन मशीन’ (Water Purification Machine) लेकर पहुंची है।
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जी हाँ, आपने सही पढ़ा! टीम इंडिया इस बार मैदान पर ही नहीं, बल्कि मैदान के बाहर भी कोई रिस्क (Risk) लेने के मूड में नहीं है। NDTV स्पोर्ट्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय टीम प्रबंधन खिलाड़ियों की सेहत को लेकर इतना सतर्क है कि वे होटल या स्थानीय पानी पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना चाहते।
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क्यों पड़ी इस मशीन की ज़रूरत?
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अक्सर देखा गया है कि अलग-अलग शहरों में पानी बदलने से खिलाड़ियों को पेट से जुड़ी समस्याएं या इन्फेक्शन का सामना करना पड़ता है। एक निर्णायक मैच (Decisive ODI) से पहले टीम का कोई भी खिलाड़ी बीमार पड़े, यह जोखिम BCCI नहीं उठाना चाहती।
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- सेहत सबसे पहले: खिलाड़ियों की फिटनेस को टॉप लेवल पर रखने के लिए पानी की गुणवत्ता (Water Quality) सबसे अहम है।
- पुराने कड़वे अनुभव: अतीत में कई बार विदेशी दौरों या घरेलू सीरीज के दौरान खिलाड़ी ‘अपसेट स्टमक’ (पिमारी) के कारण मैच मिस कर चुके हैं।
- No Chance Policy: इंदौर का यह मैच सीरीज के लिए निर्णायक है, इसलिए टीम मैनेजमेंट ‘जीरो रिस्क’ पॉलिसी पर चल रहा है।
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क्या इंदौर के पानी में है कोई दिक्कत?
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ऐसा बिल्कुल नहीं है कि इंदौर के पानी में कोई खराबी है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह एक ‘प्रिकॉशनरी मेजर’ (एहतियाती कदम) है। एथलीट्स का शरीर बहुत संवेदनशील होता है और मैच के दौरान हाइड्रेशन का स्तर बनाए रखना ज़रूरी है। अपनी खुद की मशीन साथ रखकर, टीम यह सुनिश्चित कर रही है कि उन्हें वही पानी मिले जिसके वे आदी हैं, ताकि उनकी परफॉरमेंस पर कोई असर न पड़े।
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फैंस की प्रतिक्रिया
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सोशल मीडिया पर यह खबर आग की तरह फैल गई है। कुछ फैंस इसे टीम इंडिया का ‘प्रोफेशनलिज्म’ कह रहे हैं, तो कुछ मज़ाक में कह रहे हैं कि “भाई, जीत पक्की करने के लिए टीम इंडिया अपना पानी भी खुद ला रही है!”
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बहरहाल, वजह जो भी हो, मकसद साफ़ है—इंदौर के मैदान पर सिर्फ चौके-छक्कों की बरसात होनी चाहिए, न कि किसी खिलाड़ी की तबीयत खराब। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह ‘शुद्ध पानी’ टीम इंडिया को जीत की ‘शुद्ध ट्रॉफी’ तक पहुंचा पाता है या नहीं!
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