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पुरुषों के लिए बड़ी राहत! प्रोस्टेट कैंसर की जांच में अब नहीं होगी बेवजह MRI की टेंशन, नई स्टडी का दावा
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हेल्थ डेस्क: पुरुषों के स्वास्थ्य और कैंसर स्क्रीनिंग को लेकर एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। European Medical Journal में प्रकाशित एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अब प्रोस्टेट कैंसर (Prostate Cancer) के निदान के लिए मरीजों को अनावश्यक और महंगी MRI स्कैनिंग से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। यह नई खोज मेडिकल जगत में एक क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।
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क्या है पूरा मामला?
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आमतौर पर, प्रोस्टेट कैंसर की शुरुआती जांच के लिए PSA (Prostate-Specific Antigen) ब्लड टेस्ट का इस्तेमाल किया जाता है। अगर PSA का स्तर बढ़ा हुआ आता है, तो डॉक्टर अक्सर पुष्टि के लिए तुरंत MRI स्कैन की सलाह देते हैं। हालांकि, कई मामलों में बढ़ा हुआ PSA लेवल कैंसर नहीं, बल्कि सामान्य सूजन या इन्फेक्शन के कारण होता है। इस वजह से लाखों पुरुष बिना किसी ठोस कारण के MRI स्कैन की जटिल प्रक्रिया और भारी खर्च से गुजरते हैं।
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लेकिन अब, नई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि ‘PSA डेरिवेटिव्स’ (PSA Derivatives) का उपयोग करके यह तय किया जा सकता है कि किसे MRI की सच में जरूरत है और किसे नहीं।
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क्या होते हैं PSA डेरिवेटिव्स?
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आसान भाषा में समझें तो, यह सिर्फ खून में PSA की मात्रा नापने तक सीमित नहीं है। यह तकनीक PSA के स्तर और प्रोस्टेट ग्रंथि (Prostate Gland) के आयतन (Volume) के बीच के अनुपात को देखती है। इसे PSA Density भी कहा जाता है। यह तरीका डॉक्टरों को यह समझने में मदद करता है कि बढ़ा हुआ PSA कैंसर के कारण है या किसी और वजह से।
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इस नई खोज के 3 बड़े फायदे:
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- पैसे और समय की बचत: अनावश्यक MRI स्कैन रुकने से मरीजों का हजारों रुपयों का खर्च बचेगा और अस्पतालों पर लोड कम होगा।
- मानसिक तनाव से मुक्ति: कैंसर के डर से होने वाली एंग्जायटी (Scanxiety) से मरीजों को राहत मिलेगी, क्योंकि उन्हें बेवजह लंबी जांच प्रक्रियाओं में नहीं उलझना पड़ेगा।
- सटीक इलाज: PSA डेरिवेटिव्स के इस्तेमाल से हाई-रिस्क वाले मरीजों की पहचान जल्दी और सटीकता से हो सकेगी।
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एक्सपर्ट्स की राय
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रिपोर्ट के मुताबिक, इस नए दृष्टिकोण को अपनाने से स्वास्थ्य प्रणाली पर पड़ने वाला बोझ काफी कम हो सकता है। यह “स्मार्ट स्क्रीनिंग” की दिशा में एक बड़ा कदम है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले अपने यूरोलॉजिस्ट (Urologist) से परामर्श जरूर लें।
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(स्रोत: European Medical Journal)
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