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AI टेस्ट पास करने के लिए की ‘AI’ की ही नकल! KPMG पार्टनर पर लगा लाखों का जुर्माना, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
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नई दिल्ली/सिडनी: कहते हैं कि ‘नकल के लिए भी अकल की जरूरत होती है’, लेकिन दुनिया की दिग्गज ऑडिटिंग फर्म KPMG के एक पार्टनर ने इस कहावत को कुछ ज्यादा ही गंभीरता से ले लिया। एक बेहद चौंकाने वाले और थोड़े हास्यास्पद मामले में, KPMG ऑस्ट्रेलिया के एक पार्टनर को अपनी ही कंपनी का इंटरनल टेस्ट पास करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लेना महंगा पड़ गया।
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हैरानी की बात यह है कि वह टेस्ट ‘AI के नैतिक उपयोग’ (AI Ethics) पर ही आधारित था। जी हाँ, आपने सही पढ़ा! AI का सही इस्तेमाल कैसे करें, यह सीखने वाले टेस्ट को पास करने के लिए उन्होंने गलत तरीके से AI का ही इस्तेमाल कर डाला।
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क्या है पूरा मामला?
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, KPMG ऑस्ट्रेलिया ने अपने कर्मचारियों के लिए अनिवार्य ट्रेनिंग मॉड्यूल रखे थे। इसमें एक पार्टनर ने शॉर्टकट अपनाते हुए ‘जनरेटिव AI’ (जैसे ChatGPT आदि) का इस्तेमाल किया ताकि वह बिना पढ़ाई किए टेस्ट पास कर सके। लेकिन कंपनी की पकड़ में यह चालाकी आ गई।
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इस गलती की सजा के तौर पर कंपनी ने उस पार्टनर पर हजारों डॉलर का जुर्माना लगाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह जुर्माना लगभग 11,300 ऑस्ट्रेलियन डॉलर (करीब 6.4 लाख भारतीय रुपये) के आसपास बताया जा रहा है।
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“यह बहुत कठिन चीज है” – कंपनी की सफाई
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मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं था, लेकिन AI का इस्तेमाल करके AI का ही टेस्ट पास करने वाला यह किस्सा सबसे ज्यादा वायरल हो रहा है। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए और ट्रेनिंग की सख्ती को सही ठहराते हुए कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, “यह एक बहुत ही कठिन चीज है (It’s a very hard thing).”
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दरअसल, यह घटना एक बड़ी जांच का हिस्सा थी। अमेरिकी रेगुलेटर PCAOB (Public Company Accounting Oversight Board) ने KPMG ऑस्ट्रेलिया पर चीटिंग स्कैंडल के चलते रिकॉर्ड 25 मिलियन डॉलर (लगभग 200 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया है।
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इस वायरल खबर की 3 बड़ी बातें:
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- विडंबना (Irony): जिस पार्टनर पर जुर्माना लगा, वह उस परीक्षा में चीटिंग कर रहा था जो यह सिखाती है कि “AI का उपयोग ईमानदारी से कैसे करें।”
- बड़ी कार्रवाई: जांच में पाया गया कि 2017 से 2022 के बीच कंपनी के 1,100 से ज्यादा कर्मचारियों ने टेस्ट में एक-दूसरे को उत्तर बताए थे।
- सबक: कॉरपोरेट जगत में अब AI के दुरुपयोग को पकड़ने के लिए भी सिस्टम सख्त हो गए हैं।
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क्या अब AI ही पकड़ेगा AI की चोरी?
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इस घटना ने कॉरपोरेट जगत में एक नई बहस छेड़ दी है। जहाँ कंपनियाँ अपने कर्मचारियों को नई तकनीक सिखा रही हैं, वहीं कर्मचारी उसी तकनीक का इस्तेमाल काम से जी चुराने के लिए कर रहे हैं। KPMG का यह मामला दुनिया भर के प्रोफेशनल्स के लिए एक सबक है कि मशीनें स्मार्ट हो सकती हैं, लेकिन नैतिकता (Ethics) का कोई शॉर्टकट नहीं होता।
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(सोर्स: टाइम्स ऑफ इंडिया, फाइनेंशियल टाइम्स)
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